हाई ब्लडप्रेशर करें कंट्रोल, जानें 5 टिप्स

अगर आप हाई ब्लडप्रेशर के मरीज हैं और इससे होने वाले खतरे को कम करना चाहते हैं, तो डॉक्टरी सलाह के अलावा एक सही डाइट अपनाना भी बेहद जरूरी और फायदेमंद होगा। अगर आप डाइट के जरिए कीजिए अपना ब्लडप्रेशर कंट्रोल, जानें टिप्स –

1 फल और सब्जियां – अपनी रोज की डाइट में आपको भरपूर फल और सब्जियों को जरूर शामिल करना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम 2 से ढाई कप फल और सब्जियों को डाइट में शामिल कीजिए। पत्तेदार सब्जियां, ब्रोकली, ब्लूबेरी को डाइट में जगह देने के साथ-साथ पोटेशियम से भरपूर चीजें जैसे – तरबूज, संतरा, केला, आलू आदि भी लीजिए। पोटेशियम ब्लडप्रेशर को मेंटेन करने में काफी मददगार है।

2 डेयरी उत्पाद –
हाईब्लड प्रेशर होने का यह जरा भी मतलब नहीं है कि आप अपने पसंदीदा डेयरी उत्पाद से दूरी बना लें। बल्कि आपको तुरंत फैट फ्री या लो फैट उत्पादों कर रुख करना चाहिए। दूध, दही, घरेलू चीज और अन्य लो फैट सामग्री को डाइट में शामिल कीजिए और स्वस्थ रहिए।

4 साबुत अनाज – प्रोसेस्ड फूड की जगह साबुत अनाज खाना आपके लिए फायदेमंद होगा। ओट्स, सेरेल्स, होल ग्रेन ब्रेड, पास्ता को चुना जा सकता है। लेकिन बाजार से इन्हें लेते समय न्यूट्रीशन लेबल और सोडियम की मात्रा को जरूर जांच लें। 8 ऑन्स साबुत अनाज आप डेली डाइट में ले सकते हैं।

5 मेवे, बीज और फलियां – राजमा, नट्स, मूंगफली, पीनट बटर, और ऐसे ही अन्य खाद्य पदार्थों का सेवन हृदय की सेहत के लिए भी फायदेमंद होगा और ब्लड प्रेशर को भी कंट्रोल करेगा। सप्ताह में कम से कम 4 से 6 बार आपको इन्हें डाइट में शामिल करना चाहिए।
6 अल्कोहल और शुगर – अगर आप अल्कोहल का सेवन करते हैं तो आपको इसे सीमित करना होगा, साथ ही शुगर का सेवन भी कम करना होगा। ये दोनों ही आपके ब्लडप्रेशर को बढ़ा सकते हैं। संतृप्त वसा, कार्बोनेट और ट्रांस फैट युक्त चीजों से भी दूरी बनानी चाहिए। ये सभी आपकी समस्या को बढ़ाने के साथ ही हृदय की कोशिकाओं को क्षतिग्रस्त कर सकते हैं।

7 सोडियम का स्तर – हाईब्लडप्रेशर के मरीजों को अपनी डाइट सोडियम का स्तर कम कर देना चाहिए। सोडियम सिर्फ नमक से नहीं मिलता बल्कि प्रोसेस्ड फूड में भी मौजूद होता है। बाजार से ऐसी चीजें लेने से पहले अच्छी तरह जांच लें। चिप्स, फ्रोजन सी फूड, सरसों, कैचप और अचार का प्रयोग कम ही करें। इनकी थोड़ी मात्रा भी आपके शरीर में सोडयम का स्तर 1000 एमजी तक बढ़ा सकता है।

Fat vs Calories: वजन घटाने के लिए फैट बर्न जरूरी है या कैलोरी बर्न ?

वजन घटाने के लिए फैट बर्न जरूरी है या कैलोरी बर्न ? यह एक ऐसा सवाल है जो वजन कम करने के लिए सबसे अहम है. अगर आप इन दोनों के समायोजन को नहीं जानते हैं तो वजन घटाने में सफल नहीं होते हैं.

Fat vs Calories for Weight Loss: वजन घटाने की बात जब आती है तो आप फैट बर्न और कैलोरी बर्न शब्द सुनते हैं. कुछ लोगों के मन में यह सवाल आ सकता है कि फैट बर्न और कैलोरी बर्न में अंतर क्या है? या वजन घटाने के लिए फैट बर्न जरूरी है या कैलोरी बर्न जरूरी है? Fat vs Calories for Weight Loss दरअसल इन दोनों सवालों के जवाब जाने बगैर आप वेट लॉस के प्लान में सफल नहीं हो सकते हैं. क्योंकि फैट बर्न और कैलोरी बर्न दो अलग-अलग चीजें हैं और इनका शरीर पर अलग-अलग प्रभाव भी पड़ता है.

वजन घटाने के लिए क्या जरूरी है ?

फैट बर्न हो या कैलोरी बर्न दोनों का महत्व वजन कम करने के लिए ज्यादा है. सामान्य जीवन में दोनों का यही सबसे महत्वपूर्ण काम हो गया है. अब अगर वजन घटाने की नजर से देखा जाए तो फैट बर्न ज्यादा जरूरी होता है. लेकिन इसके लिए भी कैलोरी पर विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है. क्योंकि अगर आप ज्यादा कैलोरी लेते हैं तो आप फैट बर्न करने में सफल नहीं होते हैं.

फैट और कैलोरी बर्न के बीच मुख्य अंतर

Fat vs Calories What is more important to burn for weight loss in Hindi

हम जो कुछ खाते-पीते हैं उससे मिलने वाली कैलोरी शरीर या तो उपयोग करके खर्च कर देता या फिर जो बचती है वो ऊर्जा भंडार के रूप में संग्रहीत हो जाती है. शरीर अपनी प्रक्रिया के अनुसार अतिरिक्त कैलोरी को शरीर ट्राइग्लिसराइड्स में बदलता, जो फैट के रूप में कोशिकाओं में जमा होता रहता है. Fat vs Calories for Weight Loss.

जब आप शारीरिक मेहनत या व्यायाम करते हैं, तब शरीर तुरंत खपत की गयी कैलोरी या संग्रहीत ऊर्जा को खर्च करता है. लेकिन जब इन दोनों की कमी होती है तब वह जमा फैट को खर्च करने लगती है.

जब आप कम कैलोरी डाइट में लेते हैं और एक्सरसाइज बढ़ाते हैं, तब शरीर की कोशिकाओं में जमा फैट से शरीर को ऊर्जा मिलती है. यहीं से आपका वेट लॉस प्लान ठीक से काम करने लगता है.

दोनों के बीच कैसे करें समायोजन

Fat vs Calories What is more important to burn for weight loss in Hindi

वजन घटाने या वजन को नियंत्रण में रखने के लिए फैट और कैलोरी बर्न के बीच में समायोजन की जरूरत होती है. अगर आप इसे सही ढंग से नहीं कर पाते हैं तो आप मोटापा के शिकार हो सकते हैं.

इस अगर तकनीकी तौर पर देखें तो बहुत ही सरल सी बात है. आपके शरीर को जीतनी कैलोरी चाहिए आप सिर्फ उतनी लें. जब आप वजन घटाने की कोशिश कर रहे हों तो कैलोरी कम मात्रा में लेकर ज्यादा मात्रा में फैट बर्न करने की सोचें.

रोजाना की कैलोरी इतनी न हो कि आप जितनी एक्सरसाइज करते हैं वो सिर्फ उसे ही खर्च कर पाए. आपकी डेली डाइट कैलोरी इतनी हो कि एक्सरसाइज में खर्च हो जाए और अतिरिक्त फैट की भी जरूरत पडे़ और वजन कम करने में मदद मिले. Fat vs Calories for Weight Loss